11 April, 2026
अमलतास सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक उन्नत एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विशेषज्ञ डॉ. ड्रैगन प्रिमोरेक के मार्गदर्शन में अत्याधुनिक चिकित्सा पद्धति पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, डॉक्टरों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. प्रिमोरेक ने आधुनिक चिकित्सा तकनीकों, नवीन शोधों तथा रोगों के उन्नत उपचार तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से घुटनों से संबंधित बीमारियों के उपचार में आई नई क्रांतिकारी तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब ऐसी आधुनिक चिकित्सा पद्धतियां विकसित हो चुकी हैं, जिनके माध्यम से कई मामलों में मरीजों को घुटना प्रत्यारोपण (Knee Replacement) करवाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
उन्होंने समझाया कि उन्नत थैरेपी, मिनिमली इनवेसिव तकनीक, और रीजेनेरेटिव मेडिसिन (Regenerative Medicine) जैसे आधुनिक उपचार विकल्पों के माध्यम से घुटनों के खराब हो चुके टिश्यू को पुनर्जीवित (Regenerate) किया जा सकता है। इससे न केवल सर्जरी की जरूरत कम होती है, बल्कि मरीजों को जल्दी आराम, कम दर्द और तेजी से रिकवरी का लाभ मिलता है।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के चेयरमैन प्रोफेसर डॉ. अभिजात सेठ भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अमलतास अस्पताल द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास देश में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा प्रदान करेंगे।
इस अवसर पर अमलतास ग्रुप के संस्थापक श्री सुरेश सिंह भदौरिया ने सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा उन्हें अस्पताल का निरीक्षण भी करवाया। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध अत्याधुनिक सुविधाओं, आधुनिक मशीनों एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की जानकारी अतिथियों को दी।
कार्यशाला में विभिन्न सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को नवीनतम चिकित्सा उपकरणों, डिजिटल हेल्थ टेक्नोलॉजी एवं आधुनिक उपचार प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। साथ ही, लाइव डेमो और इंटरएक्टिव सत्रों के माध्यम से जटिल चिकित्सा प्रक्रियाओं को सरल एवं व्यावहारिक तरीके से समझाया गया।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि इस प्रकार की कार्यशालाओं का उद्देश्य डॉक्टरों और चिकित्सा स्टाफ को नई तकनीकों से अपडेट रखना है, जिससे मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जा सके।


